दस्तक's image
Share0 Bookmarks 20 Reads1 Likes
छन छन कर आती थी
चाँदनी खिड़कियों से
ठंडी हवा के मदमस्त
झोंकों की तरह 

बस एक दस्तक ही 
न हुई दरवाज़े पर 
अफसोस फकत
इस बात का रहा ।

    मं शर्मा (रज़ा)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts