सुकून's image
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कह दूँ मन की बात

कि कोरे कागज़ पे उतार दूँ

बन जाऊँ तुम सा मैं

कि कोरा कागज़ छोड़ दूँ

सोच में हूँ क्या करूँ

मैं सुकून से मर सकूँ ।


मं शर्मा (रज़ा)

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