सिलवटें's image
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रात की दहलीज़ पर

ख्वाबों ने दस्तक दी है

सांसों ने दिल के

धड़कने को आहट दी है


दिल की बेचैनियां

बयां कर रही हैं करवटें

रात भर सिलवटों से

क्यों जूझती रही हैं।


मं शर्मा (रज़ा)

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