शेष's image
Share0 Bookmarks 12 Reads0 Likes

रात सो गई

दर्द जगा है

नेपथ्य में

ख्वाब सजा है  


कौन पराया

कौन सगा है

कौन जाने

किसको पता है


भ्रम में जीना

भ्रम को जीना

जीवन में यही

शेष बचा है।


मं शर्मा( रज़ा)


#स्वरचित

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts