शक्तिपुँज's image
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पेड़ों से छनछन कर आ रहीं

सूरज की स्वर्णिम किरणें

ये ही शक्ति पुँज है सृष्टि का

आई धरा आलोकित करने


पानी में खेलती किरणों का

ये दॄश्य अति नयनाभिराम है

उतार फेंको विश्राम की चादर

अब बहुत हुआ विश्राम है ।


मं शर्मा (रज़ा)

#स्वरचित

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