रोटी's image
Share0 Bookmarks 9 Reads0 Likes

हौसलों का घड़ा भरा है

उदर में अकाल पड़ा है

आँसुओं में नमी कम है

आँखों में सूखा पड़ा है


जीने का भाव बहुत है

जीवन में अभाव बहुत है

आधा जीवन रोटी खा गई

रोटी को भूख बहुत है ।


मं शर्मा( रज़ा)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts