रंजिशें's image
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कहाँ कोई यूँ भी

जीने दे रहा है

क्यों न खुदी को मार

जीना सीख लें


प्यार की बहुत

कमी है जहाँ में

क्यों न रंजिशों को

गले लगाना सीख लें।


मं शर्मा (रज़ा)

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