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प्रेम तपस्या

Manju SharmaManju Sharma January 20, 2023
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नयनों को भाया प्रेम नहीं

मन में उतर गया प्रेम नहीं

चित्त की व्याकुलता प्रेम नहीं

पाने की आतुरता प्रेम नहीं


प्रेम योग है रोगी न बन

प्रेम तपस्या है भोगी न बन

प्रेम सृष्टि का प्रारब्ध है

प्रेम स्वयं से अनभिज्ञ है ।


म शर्मा (रज़ा)

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