पर्दादारी's image
Share0 Bookmarks 9 Reads0 Likes

लफ्ज़ कह न पाएं

तो खामोशी को सुनो

आँखें भी बोलती हैं

गर तुम पढ़ सको


नज़र चुरा कर कभी

बात नहीं छिपती

पर्दादारी ही हमेशा

असलियत उजागर करती।


मं शर्मा( रज़ा)

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts