मोहब्बत's image
Share0 Bookmarks 15 Reads0 Likes

रंजिशों को छोड़ कर

दोस्ती की बात कर

अदावत को छोड़ अब

मोहब्बतों की बात कर


चार दिन की जिंदगी है

नफरतों में न ज़ाया कर

नकद में मिली है ये

इसको न उधार कर ।


मं शर्मा (रज़ा)

#स्वरचित

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts