मलाल's image
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तूफां में दीये जलाने का हुनर जिनको

आँधियों से रियायत की आस क्यों है


फासलों का शौक रखा करते थे जो

दरम्यां दूरियों का उन्हें मलाल क्यों है 


अब के जो बिछड़े हैं बिछड़े ही रहने दे 

फिर एक बार मिलन की ज़रूरत क्यों है ।


मं शर्मा( रज़ा)

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