लहरें's image
Share0 Bookmarks 0 Reads0 Likes

दिन ढलने को है

रात उगने को है

आ अब घर लौट चलें

लहरों की गिनती कल करेंगे


सुबह तो आएगी

रोशनी भर लाएगी

अगर नसीब हुई तो

लहरों पर कविता कल लिखेंगे।


मं शर्मा( रज़ा)

#स्वरचित

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts