कुमुदिनी's image
Share0 Bookmarks 0 Reads0 Likes

सुरमई साँझ आई है

सुमधुर झंकार सी

उजालों को लीलने

रात खड़ी तैयार सी


रवि किरणों के स्पर्श से

कुमुदिनी खिल जाएगी

जीवन को ऊर्जान्वित पा कर

प्रकृति मुस्कुराएगी ।


मं शर्मा (रज़ा)

#स्वरचित

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts