कश्ती's image
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जन्मों की बात न कर

निभाई न जाएगी

अपनों की कसम न खा

जल्दी टूट जाएगी


दिल में जो बात है

खुल कर इज़हार कर

फरेब की पतवार से

कश्ती डूब जाएगी।


मं शर्मा (रज़ा)

#स्वरचित

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