हिमाकत's image
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हिमाकत देखकर उसकी

लहू आँखों में उतर आया

बहा कर लहू गैरों का

लानत खुदी को भेज आया

चला था सबक सिखाने मैं

सबक सीख कर चला आया।


मं शर्मा (रज़ा)

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