हमसफर's image
Share0 Bookmarks 13 Reads0 Likes

सफर में मिले थे तुम

हमसफर बने थे तुम

काफिले को पीछे छोड़

आगे बढ़ चले थे हम


रास्तों का कुसूर क्या

तेरा मेरा वजूद क्या

चार पल का साथ था

दो पल में बिछड़े थे हम ।


मं शर्मा (रज़ा)


#स्वरचित

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts