गुरेज़'s image
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तेरे साथ चलना तो

फख्र की बात थी

तेरे चाहने वालों के

हुजूम से परहेज़ था


मैंने लाख समझाया

है रौनकों से नफरत

तुमको ही शायद

तन्हाईओं से गुरेज़ था ।


मं शर्मा( रज़ा)

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