बारिश की बूँदें's image
Poetry1 min read

बारिश की बूँदें

Manju SharmaManju Sharma July 20, 2022
Share0 Bookmarks 0 Reads0 Likes

समय के तांडव पर

थिरकते जीवन

बारिश की बूँदों को

तरसते सावन


किसने किया इतना

शुष्क आयोजन

किस अर्थ का जीना

व्यर्थ का प्रयोजन


कोई समझा है तो

सुलझाये उलझन

जीने का कहाँ से

मिल रहा प्रलोभन ।


मं शर्मा (रज़ा)


#स्वरचित


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts