अधूरा's image
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रोज़ बनता हूँ

रोज़ बिगड़ता हूँ

रोज़ नए सिरे से

खुद को गढ़ता हूँ


तमाम कोशिशें

करके भी

खुद को

अधूरा पाता हूँ।


मं शर्मा (रज़ा)

#स्वरचित

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