Meri Zindagi's image
Share0 Bookmarks 27 Reads0 Likes

रहती हूं दूर शहर में

अपने घोंसले में अकेले

हर दिन में है कुछ खास

पराए अपने होने का एहसास


सुबह उठने पर आते हैं 

रोशनी के अंगिननाथ मेहमान 

 जैसे भेजे हो भगवान ने 

भक्ति के लिए अपने वरदान: 


शाम होते ही याद आती है

जिंदगी का हर लम्हा

खुशनसीब हूं बीथ रहा है

गुनगुनाते हुए ये नगमा

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts