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खुद से खुद को मिटा देना ज़रा मुश्किल है

manasaksharmanasakshar December 16, 2022
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मेरी तक़दीर किस तरफ़ ले जाएगी मुझको

ये बतलाना ज़रा मुश्किल है


जैसे गुजरे हुए शख़्स से रो कर

लिपट जाना ज़रा मुश्किल है


मैं आज भी ख़्वाहिशें रखता हूँ तुझसे मिलने की

मगर खुद से खुद को मिटा देना ज़रा मुश्किल है


~ मानस अक्षर

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