Nautankibaaz Zindagi's image
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ऐ  दिल भी कितना नौटँकी है 
जब तकलीफ है तो आँसू है 
जो मुश्किल है उसकी आरज़ू है 
जब दुविधा है तो अड़चन है 
जब सादगी है तो  बहकता मन है 
जहा दर्द है  वहां दिलग़ी 
जीस रस्ते की कोई मंज़िल नहीं वह उम्मीद टिकी है 
जो पास है वो न मंजूर है 
जो चुना गया वो तो दूर है 
जब इशारे पर नचाये कोई तो बाधा है 
जब खुद का हो सिंघासन तो बाकी सारे प्यादा है 
जब आज का जशन है तो कल की परेशानी 
जब कल आजाता है तब याद ए बीती जवानी 
जिसकी दुनिया दे कीमत उसका बेहद गुरुर है 
जो अपना पेट भरे वो आमदनी तो लगता अब ब-दस्तूर है 
जहा उलझन है वह चुनौती ढूंढ़ता है 
जहा सुकून है वो पल हमे बे चैन करने लगता है 
जहा पका पकाया भोजन है, वो नहीं है खाना 
जहा अन्न का नाम नहीं है वही को है जाना 
 जहा बेईमानी का एक बून्द है, वहां प्यासे खड़े है                      . जहा  ईमान का था समुन्दर , वहां कदम नहीं बढे है 
जहा अमन की भाषा बोली गयी वहां सब बेहरे खड़े है 
जहा नफरत का राग, है वहाँ गूंगे भी सुर गाने लगे है 
जो सच  बोलता या सच लिखता  वो भुलाया जाता है 
जो झूठ बोले उसके लिए ताली  बजाया जाता है 
जब पिंजरा मैं बंद है तब आसमान बड़ा लगता है 
जब छलांग लगाने मिल जाये तो ठोकर भी खाना पड़ता है 
जीस की दुआ है वो नायब 
जो हासील है वो अब भुला हुआ ख़्वाब है 
ज़िन्दगी को तोले दुनिया लगाकर उम्र का हिसाब है 
एक ही साली ज़िन्दगी, मेरी ख्वाहिशें बे हिसाब है 



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