shayari of virah's image
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घड़ी विरह की आयी है कृष्ण 
साथ हमारा टूट गया
फिर भी क्यूँ न जाने 
एहसास तेरा रह गया 
वादा है ये तेरी राधा का
प्रीत तुझसे लगाऊँगी
किस्मत में ना सही
 दिल में तुझे बसाऊँगी 

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