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उम्र घट रही है वक़्त बहुत है कम

mail.sunil3sharmamail.sunil3sharma May 11, 2022
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# दीवारें घर की बन चुकी है छत अभी बाकी है।

मंजिल अभी दूर है सड़क बननी बाकी है।

उम्र घट रही है और वक़्त बहुत है कम।

# चश्मा टूट गया और किताब पड़नी बाकी है।

रुठ गए है जो मुझसे उनको मनाना बाकी है।

उम्र घट रही है और वक़्त बहुत है कम।

# जिस माँ ने दुख झेले उसे साड़ी दिलाना अभी बाकी है।

जिसका हाथ पकड़ कर चलना सीखा पापा के घुटने का इलाज अभी बाकी है।

उम्र घट रही है और वक़्त बहुत है कम।

# खोए हुए दोस्तों का मिलना अभी बाकी है।

साक़ी साथ देना उनसे मयकशी अभी बाकी है।

उम्र घट रही है और वक़्त बहुत है कम।

# भगवान उम्र तुझे बढ़ानी होगी सारे ही काम अभी बाकी है।

चार्जर गया है ग़ुम और बेट्री जिंदगी की कम बाकी है।

उम्र घट रही है और वक़्त बहुत है कम।

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