अकेला's image
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#ख़ुद ही घर मे दस्तक़ देता हूँ

 ख़ुद ही दरवाजा खोलता हूँ।

#ख़ुद ही घर मे आता हूँ

 ख़ुद ही चला जाता हूँ।

#ख़ुद को ही पसंद करता हूँ

  ख़ुद को ही खटकता हूँ।

#ख़ुद ही लिखता हूँ

  ख़ुद को ही सुनाता हूँ।

#नहीं उठाता जब फ़ोन करता हूँ

 उठाए कौन ख़ुद को ही करता हूँ।

#अपने आप को ज़ख्म देता हूँ

  पर उसपे दवा नहीं लगता हूँ।

#आदत हो गई अब बेदख़ल

 अकेला ही तो रहता हूँ।

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