रूहानी's image
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आंखों में कैद क्यों न हो जाऊं
रूह में उतरे जाते हो रूहानी हो
सजा बेशक न मिले
मुझे रिहाई न दे
जी ले ने दे मुझको जी भर के
मरने के मुझको दुहाई न दे
आग हो दरिया हो या हो तूफ़ान
बन्द आँख से देख मुझे दीवानी हो

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