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बूँद बूँद जीवन बरसे

Mack SequeiraMack Sequeira December 19, 2021
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बूँद बूँद जीवन बरसे
वर्षा की ऋतु मुझे असीमित तरसे
घने मेघ अंबर में , मेरा मस्तक तुम्हारी शरण में 
क्या आनंद मिलेगा इंद्रदेव , सूर्य की किरणे छीनने से
ग्रीष्म की तपिश भी आवश्यक है 
वनस्पतियों को वृक्ष में परिपक्व होने से 

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