ये तन्हाई का आलम हैं कुछ वक्त में गुज़र जायेगा's image
Poetry1 min read

ये तन्हाई का आलम हैं कुछ वक्त में गुज़र जायेगा

AnkswritesAnkswrites August 7, 2022
Share0 Bookmarks 168 Reads0 Likes

ये तन्हाई का आलम हैं कुछ वक्त में गुज़र जायेगा

अभी जो हैं पास हमारे वो कुछ वक्त में दूर जायेगा 




फिलहाल तो बादलों में हैं छिपा हुआ चांद मेरा 

ये साया ए अब्र छटेंगे तो कुछ वक्त में नज़र आयेगा 




अब के आना तो अपने दीवाने को छोड़ के न जाना 

उसकी तो गिनती के सांसें हैं कुछ वक्त में मर जायेगा




जो लोग खड़े हैं साहिल पर कश्ती के इंतज़ार में

ज़रूरत पड़ने पे लहरों में भी तैर के पार जाएगा 




'अंकित' कू-ए- यार में ही दिखता हैं छोड़ कूचे अपना 

उसे देखना उसकी आदत है कुछ वक्त में सुधर जायेगा




No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts