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Valentines PoetryPoetry1 min read

मैं उसके घर आता जाता रहता हूं..

AnkswritesAnkswrites March 31, 2022
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वो मेरे घर नहीं आता हैं कभी भी पर

मैं उसके घर आता - जाता रहता हूं..




उन्हें इतनी फुरसत कहां कि वो हमें देखें 

मैं ही हूं जो उन्हें मूड़ मूड़ कर तकता रहता हूं..




मुझे सोच समझ कर खोना मेरे चाहने वालों

मैं भी किसी को भला दुबारा कहां मिलता हूं ..




क्या सोच कर तुम ने मुझे ख़ुद से जुदा किया

तुम जानते थे कि तुम्हारे बगै़र में मर भी सकता हूं..




दर्द देने के बाद अब हमदर्दी मत जता पागल लड़की 

मैं कहीं सहारा देख कर दुबारा ज़िंदा भी हो सकता हूं..




ठंडी सांसें , नशीली आंखें , सुर्ख़ से होंठ , झुंकी पलकें

मैं उस लड़की को एक आहट से ही भी पहचान सकता हूं..




जब तक मुझे किसी से प्यार नहीं हो जाता'अंकित'

हर प्यार करने वाले को बुरा कहता रहता हूं..
















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