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ख़्वाहिश अपनी कि ज़न्नत से बढ़कर वतन कर दें

AnkswritesAnkswrites August 15, 2022
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ख़्वाहिश अपनी कि ज़न्नत से बढ़कर वतन कर दें 

कुछ भी मत दे मिरे हवाले तिरंगे का क़फ़न कर दें


हमेशा शान से बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा

इसके लिए हम सभी अपनी जान भी कुर्बान कर दें 



सब मिटाकर दिलों के नफरतें और भेद भाव को हम 

आओ मिलकर हम सभी अपना भारत महान कर दें 


सरकार बढ़ा रहीं हैं हिंदू मुस्लिम को बांटने का धंधा 

होके अलग हम शहीदों के त्याग को बदनाम न कर दें 


मुझको भी मिले कभी मौका वतन पर मर - मिटने का

‘अंकित’ चाहता हैं उसे लोग उसकी मिट्टी में दफ़न कर दें 

•अंकित राज {Ankswrites}

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