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दिन का नहीं पता हम से रातों के बारे में पूछिए

AnkswritesAnkswrites August 10, 2022
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दिन का नहीं पता हम से रातों के बारे में पूछिए 

सबके बारे में तो नहीं पता उस के बारे में पूछिए 


इन्हीं बे-मिसाल ऑंखों ने मेरे सारे ख़्वाब छीने हैं 

उसके बदन का नहीं पता ऑंखों के बारे में पूछिए


जब जब तेरे शहर गया में कई चेहरे पास से गुज़रे

सभी चेहरे याद नहीं उनके चेहरे के बारे में पूछिए 


ऐसे तो कई मौसम गुज़रे हमको बस एक याद हैं

और मौसमों का नहीं पता सावन के बारे में पूछिए 


देखिये अब ना भूल जाइएगा मिलन का वादा अपना

कब मिले हम याद नहीं हमसे इंतज़ार के बारे में पूछिए 


कहती अब ना मिलिए हमसे अब मुलाकातें ठीक नहीं हैं 

सब तो याद नहीं हमें आख़िरी मुलाक़ात के बारे में पूछिए 


हमनें देखा हैं उसको सिर्फ़ होली के दिन ‘अंकित’

और त्योहारों का नहीं पता होली के बारे में पूछिए 


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