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हीर के क़ैद में

AnkswritesAnkswrites March 14, 2022
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मैं ठहरा हुआ हूं और दिल सफ़र में हैं

कुछ अनचाहे से लोग मेरे घर में हैं.. 


मैं तेरे शहर से हो के लौट आया हूं मगर 

अभी भी मेरा दिल तेरे ही शहर में हैं..


मुझे जो खो दे उस को दुबारा नहीं मिलता

कि अभी भी मैं उसका हूं वो किस भ्रम में हैं..


मैं जहां चाहूं वहां जा भी तो नहीं सकता

कमबख्त मेरा दिल हीर के क़ैद में है..


एक उम्र गुज़ारी हैं हम ने उस के साथ

दिल उस से बिछड़ जाने के खौफ में हैं..


सिर्फ़ तू ही एक नहीं हैं 'अंकित' जिसे दुःख हैं

लोग और भी जमाने में होंगे जो दुःख-दर्द में हैं ..



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