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जीवन की कहानी

Sristi Mishra SriSristi Mishra Sri April 2, 2022
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दुनिया के घने मेले में..
मैंने जीवन की एक किताब पायी।

जिस के हर पन्ने में..
एक अलग ही कहानी समायी।

हर पन्ने में स्वादिष्ट किस्से..
हमारे व दूसरों के जीवन के हिस्सें।

डोमिनोस के स्वादिष्ट पिज़्ज़े की बात हो,
या हमारे अपनों की हमसे मुलाकात हो,
हर एक मसाले का स्वाद है उसमें।
खट्टी-मीठी चाहे कोई भी याद हो,
किराना दुकान सा हर सामान है उसमें।

जीवन के ये टेढ़े-मेढ़े रास्ते..
हँसते-गाते कटते जीने के वास्ते।

दुःख-तकलीफ,जीना-मरना,यहां हर बला है,
ज़िन्दगी सिर्फ काटना नहीं,बल्कि जीना एक कला है।

किसी के जीवन के पल एक से नहीं रहे..
कभी हँसना तो कभी रोना है,बदलते पल हमसे कहें।

कठनाइयों में हमें गिरना है,संभालना है, उठना है,
शरीर टूटे,टूट जाने दो,तुम हिम्मत न तोड़ना,ये याद रखना है।

कभी भागना नहीं है,ना सीखो तुम चोर से,
अड़ जाओ!उस पत्थर से,जो हर बार रगड़ता है डोर से।

थककर,चुपचाप,हारकर न बैठो,भला होता क्या है सिर्फ नाम से..?
तुम सोचो,बिना पहचान के,क्या हो तुम किसी काम के।।

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