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मैने सीखा है

Lekh RajLekh Raj November 7, 2021
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फूलों से नित हँसना सीखो, भौंरों से नित गाना।

तरु की झुकी डालियों से नित, सीखो शीश झुकाना!


सीख हवा के झोकों से लो, हिलना, जगत हिलाना!

दूध और पानी से सीखो, मिलना और मिलाना!


सूरज की किरणों से सीखो, जगना और जगाना!

लता और पेड़ों से सीखो, सबको गले लगाना!

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