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Romantic PoetryPoetry1 min read

हमें जरूरी समझो जरूरत नहीं

LALBAHADURLALBAHADUR January 29, 2022
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हमें जरूरी समझो जरूरत नहीं

हम जिंदादिल हैं कोई पत्थर की मूरत नहीं


पहले दिल से खेलती हो और

अब कहती हो जा मर जा


अरे तुझे देख कर के मर जाऊं

अब तो तू इतनी भी खूबसूरत नहीं


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