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मोह कुर्सी का

Laxmi KumariLaxmi Kumari March 10, 2022
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मनुष्य रहते मोह का त्याग , 
कहाँ हो पाता
अंत काल में भी मोह ,
मोक्ष का सताता
पर इस परममोक्ष के मोह से भी भारी
कलयुग में कुर्सी का मोह 
सबको निगलता जाता
सबको निगलता जाता
~ लक्ष्मी

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