तुम्हारी याद आती है...'s image
Love PoetryPoetry1 min read

तुम्हारी याद आती है...

Krishna Kant TenguriaKrishna Kant Tenguria November 19, 2021
Share0 Bookmarks 11 Reads0 Likes

तुम्हारी याद आती है, तुम्हारी याद आती है |
जीना याद के बिन तुम्हारी याद आती है | |

नहीं है चाँद में भी नूर, फूलों में नहीं खुशबू |
जो जीने ना दे वो खुशबू, तुम्हारी याद आती है ||

भरी महफ़िल लगे सूनी, सूनापन है चिल्लाता |
क्या यह प्यार ही है, जो तुम्हारी याद आती है ||

हर रंग है फीका, न ही रंगत है रंगों में |
न चढ़ने दे कोई भी रंग, तुम्हारी याद आती है | |

नहीं दिन में है कोई दिन, जो भूला हो कभी तुमको |
लगे यहाँ हर गली सूनी, तुम्हारी याद आती है | |

लिखे जब भी कलम तुमको पूरा नहीं लिखती |
कुछ तो छोड़ देती है तुम्हारी याद आती है | |

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts