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मुश्किल इज़हार-ए-इश्क़

Krishna Kant TenguriaKrishna Kant Tenguria November 20, 2021
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ना घूरकर देखो कि दिल ये जाग जायेगा, 
कहीं खोई निगाहों को ये पहचान जायेगा | 
आ गयी जो याद तो धकधक ये बेचारा, 
वही शब्द दोबारा ये तुमसे कह न पायेगा ||

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