Jeevan aur sangharsh ki katha's image
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जीवन में बड़ी व्यथाएं है 

कुछ असमंजस है और कथाएं है

एकटक सा रहता हुं पर 

ध्यान भटक सा जाता है 

सोचता हूं अनमोल घड़ी में 

समझ नहीं कुछ आता है

एक आस से कई प्रयास मैं करता हूं 

होता है सम्पूर्ण कार्य नई उड़ान तब 

भरता हूं 

पारंगत हो नए प्रयास से 

नया प्रकाश अब करना है 

खोया हूं जिस तिमिर में 

उसे प्रकाशित करना है ।

    !कृष्णा चौहान!


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