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Nepali PoetryArticle1 min read

पीढ़ियां गुजर जाएगी

कवि तरानाकवि तराना October 25, 2021
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अरे.. वक्त की छोड़ो...पीढ़ियां गुजर जाएगी...
तुम हाथ मलतेेेेेेेे रह जाओगे और वहां.. चिड़िया चुग जाएगी...
तुम अब बात पैसों की करते हो... यहां पूरी दुनिया मिट जाएगी...
छोड़ काल की बाते
काल तो महाकाल है..

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