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ज़िन्दगी मुस्तक़िल वबाल रही

Kiran K.Kiran K. October 31, 2021
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ज़िन्दगी मुस्तक़िल वबाल रही

हर घड़ी थी ज़वाल की सूरत


-किरण के.

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