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मैं पढ़ रही हूँ तुम्हारे नाम की तस्बीह

Kiran K.Kiran K. October 22, 2021
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मुझे कुछ सुनाई ना दें इसलिए
ऐ ख़ुदा... मैं पढ़ रही हूँ, 
तुम्हारे नाम की तस्बीह..
दिल में तख़लीक़ हुए इश्क़ का 
मैंने गला घोट दिया है..
चीख रहा है इश्क़ 
तड़प रहा है मरते मरते..
मैं परेशान हो रही हूँ चीखें सुनकर
कान तो बन्द कर लिए मैंने लेकिन
चीखें और ज़ियादा सुनाई दे रहीं हैं
कही ये मेरी ही ख़ामोश चीखें तो नही..!!

किरण के.

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