आँख खोलो भाईजान आपका शहर आया है।'s image
Poetry1 min read

आँख खोलो भाईजान आपका शहर आया है।

Ketan ApteKetan Apte November 19, 2021
Share0 Bookmarks 14 Reads1 Likes
जिंदगी की कितनी चट्टानों के बाद तुझे पाया है। 
मैंने तो ये झुमका तुम्हारे लिए लाया है। 
रातसे ये इंसान थोड़ासा भी हिला नहीं, 
आँख खोलो भाईजान आपका शहर आया है।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts