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ये ज़िन्दगी

Dr. Pooja MakheDr. Pooja Makhe August 6, 2022
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प्रेम के दो शब्द !
और क्या है ज़िन्दगी 

सोचती बस भला सोचूं
बुरा क्या है जिन्दगी 

बहुत हैं बहुरूपिए
भ्रम बढ़ाने के लिए

न उलझना तर्क में
सीधी सरल है ज़िंदगी

चंद लफ़्ज़ों में सिमटती
कहानी संसार की

अच्छी नियत जिसकी
समझो सफल है ज़िंदगी

क्या अलग सबके लिए
बस कर्म फल है ज़िंदगी

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