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तुम्हारी याद

Dr. Pooja MakheDr. Pooja Makhe August 3, 2022
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दस्तक सी दी है
याद ने

सोचती हूं
कि लौटा दूं

फ़िर कभी न
आने दूं

पर क्या करूं
याद है
कि मानती नहीं

बस ठेलकर सब
मनमुटाव
चली आती है
तीर सी

हृदय को चीरकर
आंखों में
बसकर

न जाने
कितनी बार

छलका देती है आंखे

सच पूछो तो
मन को
हलका कर देती है

तुम्हारी याद....।


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