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हाल मत पूछो
कब किसने साथ छोड़ दिया
नज़र हटी कि
नज़ारों ने साथ छोड़ दिया
जब बहारें थीं
 भीड़ से घिरे थे
वक्त बदला तो
हज़ारों ने साथ छोड़ दिया 

पांव कमज़ोर ज़रा से हुए क्या
चले थे जिन पर
राहों ने साथ छोड़ दिया
सोचती हूं 
मतलब परस्त दुनियां में
गैर तो गैर थे
अपनों ने साथ छोड़ दिया

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