देख कर भी,न देख सका!'s image
Poetry1 min read

देख कर भी,न देख सका!

Kavya SafarKavya Safar September 25, 2021
Share0 Bookmarks 172 Reads0 Likes

संदेश की अवहेलना;

पड़ा बहुत भारी मुझे,

शोक में संग रहा नहीं,

मैं कहूँ क्या अब तुझे!

सच कहूँ,

मैं सचमुच में आज थका,

देख कर भी,न देख सका!

~राजीव नयन

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts