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कैसे बनती है कविता, कौन है कवि?

KavishalaKavishala March 21, 2022
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क्या कहते हैं हिंदी कविता के सूत्रधार:


उस जनपद का कवि हूँ जो भूखा दूखा है,

नंगा है, अनजान है, कला नहीं जानता।

[त्रिलोचन]


कविता आदमी को मार देती है, और जिसमें आदमी बच गया है, वह अच्छा कवि नहीं है। 

[धूमिल]


जब इंसान अपने दर्द को ढो सकने में असमर्थ हो जाता है तब उसे एक कवि की ज़रूरत होती है। 

[श्रीकान्त वर्मा]


'तुम्हारी मृत्यु में 

प्रतिबिम्बित है 

हम सबकी मृत्यु 

कवि कहीं अकेला मरता है?'

[सर्वेश्वर दयाल सक्सेना]


जो कविता,

कवि के हृदय में पल रही होती है,

और जो लिखी जाती है,

दोनों में नितांत अंतर होता है।

लिखित कविता,

हृदयंगत कविता का,

एक अंश मात्र होता है...

[साधक]


जब कभी लगा 

अँधेरा बहुत है

खिड़की की तरह 

खुल गयी कोई क़िताब,

सूर्य की तरह किसी प्रिय कवि ने माथा सहलाया...

[विराग]


वियोगी होगा पहला कवि,

आह से उपजा होगा गान।

निकलकर आँखों से चुपचाप,

बही होगी कविता अनजान..

[सुमित्रानन्दन पन्त]


मैं कवि नहीं हूँ

ना लेखक हूँ

ना ही भाषा का ज्ञाता,

मैं अव्यवस्था से पनपी

एक क्रांति हूँ

मेरी कविताएं उस 

क्रांति में प्रयोग 

हुए नारे हैं..!

[अखण्ड 'ध्रुव']


जो लोग कविता लिखते हैं वो कभी-कभी थोड़ा सा समय भी लिख जाते हैं।

[अशोक वाजपेयी]


मैं तुमसे बात किया करता हूँ

और यही मेरी कविता है। 

[त्रिलोचन]


कविता मेरे लिए समझने-बूझने या समझाने का विषय नहीं, जीने का विषय है।

[फणीश्वर नाथ रेणु]



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