Valentine's Day Shayari's image
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सीने में राज़-ए-इश्क़ छुपाया न जाएगा 

ये आग वो है जिस को दबाया न जाएगा 


- हमीद जालंधरी


और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा 

राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा 


- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़




उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो 

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए 


- बशीर बद्र




अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें 

जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें 


- अहमद फ़राज़




इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया 

वर्ना हम भी आदमी थे काम के 


- मिर्ज़ा ग़ालिब




रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ 

आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ 


- अहमद फ़राज़




तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं 

किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं 


- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़




मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का 

उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले 


- मिर्ज़ा ग़ालिब




इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद 

अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता 


- अकबर इलाहाबादी

 



इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के 

अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के 


- फ़रहत एहसास


 


किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम 

तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ 


- अहमद फ़राज़




अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ 

अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता तुम हो जाता हूँ 


- अनवर शऊर


 


एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें 

और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं 


- फ़िराक़ गोरखपुरी


 


उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो 

धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है 


- राहत इंदौरी




हुआ है तुझ से बिछड़ने के बा'द ये मा'लूम 

कि तू नहीं था तिरे साथ एक दुनिया थी 


- अहमद फ़राज़


 


अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो 

तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो 


- मुनव्वर राना


 

दिल धड़कने का सबब याद आया 

वो तिरी याद थी अब याद आया 


- नासिर काज़मी




होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है 

इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है 


- निदा फ़ाज़ली


 


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