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HoliPoetry1 min read

‘जहाँनुमा’ इक होटल है ना... गुलज़ार

KavishalaKavishala March 17, 2022
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‘जहाँनुमा’ इक होटल है ना...

जहाँनुमा के पीछे ही टी.वी. टावर है

चाँद को उसके ऊपर चढ़ते देखा था कल

होली का दिन था

मुँह पर सारे रंग लगे थे

थोड़ी देर में ऊपर चढ़ के

टाँग पे टाँग जमा के ऐसे बैठ गया था,

होली की ख़बरों में जैसे लोग उसे भी

अब टी.वी. पर देख रहे होंगे! 

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